विक्रमी सम्वत के 12 मास
मत भूलो अपनी संस्कृति को , जो है भारतवर्ष की बुनियाद !
मनाओ HappyNewYear,पर विक्रमी सम्वत भी रखो याद !!
विक्रमी सम्वत के प्रणेता सम्राट विक्रमादित्य प्रमाणित इतिहास !
अंग्रेजी वर्ष से 57 वर्ष है आगे,गाथाओं व उत्सव पूर्ण 12 मास !!
प्रथम मास चैत्र में शुभ नवरात्रे,दुर्गा पूजा व कन्यापूजन,ईद महान !
दूसरा है वैसाख-रामनवमी,वैसाखी मेला,लहराती फसलें,भंगड़े शान !
तीसरा मास है ज्येष्ठ भरपूर गर्मी , स्कूलों में होता ग्रीष्मावकाश !
जगह-जगह छबीलें लगाते ,गुरु अर्जनदेव की शहीदी करते याद !!
चतुर्थ मास आषाढ़ में छाये हरियाली वर्षा ,कहीं-कहीं आती बाढ़ !
एकादशी व्रत पर दानपुण्य होते,मंदिरों में कथाऐं,रौनक होती प्रगाढ़ !!
पंचम मास श्रावण में खाओ आम रसीले,कांवड़ियों की खूब धमाल !
तीज मनाओ , झूले झूलो ,पतंग उड़ाओ , घेवर मीठा करता कमाल !!
छटा महीना भादों लाता है ,रक्षा बंधन भाई बहन का पावन त्यौहार !
इसी मास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत व घरों,मंदिरों में होती खूब बहार !!
सातवां मास आसौज में रामलीलाएं होती,दुर्गापूजन व दशहरे का मेला !
आठवां मास कार्तिक-दीवाली,लक्ष्मीपूजन,गोवर्धनपूजा,भैयादूज़ की बेला !!
नवम मास अगहन (मग्घर ) में होती गुरु नानकदेव जी की जयंती की शान !
दसवां मास है पोष-गुरु तेगबहादुर की याद और मैरीक्रिस्मस दिवस महान !!
ग्यारहवां मास माघ महीने में लोहड़ी,पोंगल,मकरसक्रांति धूमधाम से मनाते !
मेले लगते,शुभ मुहूर्त होते,वसंत ऋतु भारत व विदेशों में सभी उत्सव मनाते !!
अंतिम 12 वां है सब का मनभाता मास फागुन - रंगों का होली त्यौहार !
होलिका दहन में भक्त प्रहलाद व वृन्दावन में कान्हा संग गोपियों की होली बहार !!
नरेन्द्र चावला का प्रयास,चंद्र कलाओं पर आधारित हैं हमारे सभी त्योहार !!
***नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका***
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