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Friday, October 20, 2023

क्या होता है प्रेम बन्धन***नरेन्द्र चावला

  क्या होता प्रेम का बंधन

कहावत है युद्ध और प्रेम में सब कुछ जायज़ है चलता !

परन्तु भारतीय संस्कृति में ऐसा बिलकुल नहीं चलता !।

सच्चे प्रेम में तो होता है, तन मन धन का अर्पण।

वही कहलाता है वास्तविक प्रेम बंधन।।

हमारी संस्कृति में एक नियमावली अब तक होती है !

तथा हमारी संस्कृति में प्रेम में भी एक मर्यादा होती है !

हमारे देश में प्रेम के आधार होते हैं, त्याग और बलिदान !

और युद्ध के भी नियम होते थे , ऐतिहासिक हैं प्रमाण !!

युद्धों में किसी असहाय तथा निशस्त्र पर नहीं करते थे वार !

अस्पतालों तथा विद्यालयों पर भी नहीं हो सकता था प्रहार !!

प्रेम में दिखावटी प्रणय करके ,नहीं होते थे धोखे और हत्याएं ! 

कभी नहीं हुए सम्बन्ध-विच्छेद ,दूर रहकर भी प्रेम गए निभाय !! 

गलत साबित हो रहा आजकल , धर्मांतरण का ले के सहारा ! 

गलत साबित हो गया,"इश्क़ और जंग में होता सबकुछ गंवारा" !! 

***********नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया -अमेरिका *************



Wednesday, October 18, 2023

अब आ गया है सुनहरा वक्त**नरेन्द्र चावला

स्वदेश प्रेम

अब आ गया है हमारे भारत का सुनहरा वक़्त !

निरंतर जलता रहेगा अब स्वदेशप्रेम  का दीपक।

बिना युद्ध तथा बिना बहाये किसी निर्दोष का रक्त !!

अब इण्डिया का नामकरण हो गया है भारत !

अब नहीं चलेगी स्वार्थी लोगों की तिजारत !!

हमारी प्रगति से परिचित हो चुका है संसार !

भारत में वही रहेंगे , जिन्हें है स्वदेश से प्यार !!

वैसे भारतवासी हर युग में सदा रहे हैं शांति दूत !

रावण,कंस,शिशुपाल तथा कौरवों का अंत है सबूत !!

हम जानते हैं भलीभांति शत्रुओं को मित्र बनाना!

और जानते हैं धोखेबाजों को धूल में मिलाना !!

हम सदा चाहते थे और चाहेंगे वसुधेवकुटुंबकम! 

सत्य,अहिंसा व सर्वोदय की भावना रखते हैं हम !!

 ***ॐ शांति ॐ ***


**जय भारत*वन्देमातरम*नरेन्द्र चावला*अमेरिका **  

Monday, October 9, 2023

सागर मंथन***नरेन्द्र चावला

                   सागर - मंथन 

आधुनिक दूषित वातावरण से प्रभावित हो,करते प्रभु से निवेदन !

समय आचुका है अब तो होना चाहिए,समस्त विश्व में सागर-मंथन !! 

चहुंओर व्याप्त हो रहा आतंकवाद का विष,फैल रहा भयंकर क्रंदन !

समाज में फ़ैल रहे स्वार्थवादी ,अवसरवादी,लुप्त सत्यता के चन्दन !! 

नकली रूप धारण करके घूम रहे स्वतंत्रता से बहरूपिये बनकर संत ! 

आओ भोले शिवशंकर महादेव,पियो ये विष ,कीजिये दुखों का अंत !! 

अगणित कंस, रावण,शिशुपाल उत्पन्न हुए,विध्वंसक हुआ वातावरण !

शीघ्र कीजिये तांडव नृत्य-लीला तथा न्यायशील त्रिशूल को धारण !!

जितना भी होता जायेगा दिन-प्रतिदिन ये आतंकवाद गहन और गहरा !

उतना ही शीघ्र अकस्मात उदित होगा,जग में सुखदायी भास्कर सुनहरा !!

अपनी ही लगाई हुयी आग में झुलस कर ये सब पतंगे भस्म हो जायेंगे !

तत्पश्चात जय श्री राम,जय श्री कृष्णा के पावन ध्वज चहुंओर लहरायेंगे!!    **नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका **

    

Wednesday, October 4, 2023

खूबसूरत पहेली( अदृश्य प्यार)** नरेन्द्र चावला

    खूबसूरत पहेली ( अदृश्य प्यार )
अबतक कोई भी नहीं सुलझा पाया ये खूबसूरत पहेली !
कि ऐसे भी मिल सकते हैं,ज़िंदगी में प्यारे दोस्त-सहेली !!
आज जब मैंने देखा तो कुछ-कुछ समझ में है आया !
तितली और पुष्प के अदृश्य-प्यार ने है ये समझाया !!
मैंने देखा तितली अदाओं से उड़-उड़ करआती बार-बार!
चुम्बन,आलिंगन करके जता रही थी पुष्प से अदृश्य प्यार !!
न मालूम पुष्प को छोड़कर , फिर कहाँ गायब हो जाती थी !
उसे क्या मालूम कि ये जुदाई,पुष्प को कितना तड़पाती थेी!! 
पुष्प तो सदा ही रहता था स्थिर काँटों में उलझा हुआ बेचारा ! 
तितली की भीनी-भीनी सुगंध में ही उसने पूर्ण जीवन गुजारा !!
सोचता होगा,फ़िज़ां में जरूर भेजेगा खुदा तितली को दोबारा !!
अमेरिका से नरेन्द्र चावला कहे ,पतझड़ के बाद आएगी  बहार !
समय और दूरियों से कभी कम नहीं हो सकता अदृश्य -प्यार !!
*********नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका*************