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Tuesday, April 21, 2026

नारी सदा पुरूषों पर भारी-- नहीं-- सदा प्रभारी-- नरेन्द्र चावला

  नारी सदा पुरुषों पर भारी !

             --नहीं--

नारी सदा पुरुषों की प्रभारी !!

सर्वथा सत्य है जन्म से मृत्यु तक ,किसी न किसी रूप में !

उषाकाल से सायंकाल तक,जीवन की छाया अथवा धूप में !

विभिन्न नामों से छाई जगत में जैसे सरस्वती शिक्षा की देवी !

लक्ष्मी रूप में है धन की देवी तथा गायत्री संस्कृति की देवी।।

निशा रजनी में चांदनी,सपना तथा पुष्पों में सुरभि बन आती है!

धर्म-कर्म में पूजा ,गीता , वंदना और आरती बन छा जाती है !!

वृद्ध और रोगियों के लिए-आराधना तथा करुणा बन आती है। 

तनावग्रस्त अवस्था में प्रीति,आशा,शांति रूप में मन बहलाती है।!

रण-क्षेत्रों में सैनिकों हेतु प्रेरणा, जयति तथा विजेता आयी बन। 

उज्व्वल भविष्य की किरण बन, सुधारा विद्यार्थियों का जीवन।।

सर्वमान्य है सम्पूर्ण विश्व है,नारी जाति से ही पावन व खुशहाल! 

सरस्वतीब्रह्मा की,लक्ष्मीविष्णु की,पार्वतीशिव की हैंअटूट ढाल!!

माँ ,बेटी ,बहन तथा पत्नी बन कर नारी ने ही सुधारे परिवार।

आधुनिक युग में प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम,नारी जाति को नमस्कार।।                    नरेन्द्रचावला*भारत*अमरीका