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Monday, August 19, 2024

ज़िंदगी दी सच्चाई दा अहसास***नरेन्द्र चावला

     ज़िंदगी दी सच्चाई दा एहसास  

                   ( 2005 + 2024 पंजाबी )  

नाईयों चाहिदे कारां ,कोठियां, A.C.,ते घोड़े-हाथी ! 

बस मेरी है इक्को अर्ज़,सबदे घरां विच रवे खुशहाली !

 ते ज़िंदगी भर साथ निभावे ------मेरा जीवन साथी !! 

बच्यां ने हुन बना लये ने,आपणे-आपणे निजी घोंसले !

दस रब्बा मैं कित्थों ल्यावां ,वड्डे - वड्डे जिगर होंसले !!

सब कुज पाके वी दुनिया विच,मन क्यों  फिरवी रवे उदास !!

ज्यों-ज्यों उतरदी आवे , ज़िंदगी दे विच असली शाम !

बंदा फिर महसूस है करदा,मोहमाया दे अद्भुत अंजाम !!

भीड़ दे वुछ इकल्ला फिरदा , डिगदा-डैंदा, डैंदा-डिगदा ! 

राण,रहीम नानक,ईसा -पीणा चउन्दा भर-भर जाम !! 

सवेर दा भुल्या मुड़ आवे शाम नू ,नहीं कहांदा भुल्या बंदा !

हुण वी नेक कमाई कर लै ,छड़ दे रस्ता जो है मन्दा !!

     (2024) 

अज वी सालां बाद फिर लिख रयाँ , ज़िंदगी डा एहसास ! 

रब ने इण्डिया तो अमरीका वसाया,बच्यां दी होई पूरी आस !!

एथे वी ख़ुशी नाल लिख्दा रैना ,आपने दिल दे सभी ख्याल !

 PLG , गुरु परिवार, ते दीपांजलि ने,मेनू बनाया है खुशहाल !! 

कण्डयां दा फुल्लां दी खुशबू ते ,होंदा नहीं कदे कोई असर ! 

सप्पां दे विच रह के वी,चन्दन दी खुशबू सदा रहंदी अमर !! 

नरेन्द्र चावला दी तरह लिखदे रवो ,गाओ,करो खूब चित्रकारी !

 रखो सबर,करो बंदगी जागो,कर्मां दा फल मिलेगा वारी-वारी !!

*********नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका************           

  


Friday, August 16, 2024

नव चेतना**प्रगति पथ **नरेन्द्र चावला

     नव चेतना*प्रगति-पथ 

गर्व हो रहा है आज नव चेतना से हमने प्रगति-पथ अपनाया था।

सत्तर वर्षो तक अंग्रेजों की नकल को,   अब तक दोहराया था।।

गुलामी का कितना जबरदस्त था,हम सब के ऊपर असर। 

अपना ही माल विदेशों से आयात करते   रहे होकर बेखबर।।

अर्थ व्यवस्था,शिक्षा,भाषा,सेना,सब पर     थी अंग्रेजी छाप। 

बिके हुए थे नेता-अफसर और स्वार्थ में   थे चुपचाप।। 

 समकालीन देश सभी उभरते गए , हम     होते रहे कर्जदार।

फिर मुफ्तखोरी तथा आरक्षण के हम बनते गए शिकार।। 

धीरे-धीरे आई नवचेतना,जागृति तथा स्वाभिमान से जागा हिन्दोस्तान। 

 सोई हुई जनता को अब होने लगी ,नेताओं की पहचान।। 

महिलाओं में भी हुआ जागरण तथा  शिक्षा में हुआ सुधार। 

निजी व्यवसाय में जुटने लगी यही अब भारतीय सरकार।।

स्वदेश में निर्मित दवाओं से,नियन्त्रित हो रहे हैं रोग। 

भारत के दूध,मसाले कपडे निर्यात आदि से,संतुष्ट हैं सब लोग।।

खुलती जा रही धीरे-धीरे अब,भ्रष्टाचारियों की भी पोल। 

दबे हुए ऐतिहासिक रहस्य के पन्ने दिए जा रहे अब खोल।।                              ब तो गर्व है नवचेतना से भारत में हो     रहे अदभुत सुधार।                     विदेशों में प्रशंसित हो रहा, हमारा   स्वावलंबन का प्रगति पथ विस्तार।।  

**नरेन्द्र चावला*वर्जीनिया*अमेरिका**

                   

Tuesday, August 13, 2024

अवसरवादी-- नरेन्द्र चावला

     अवसरवादी (Opportunists )

       जब तक रहेंगे भारतवर्ष में ये अवसरवादी।

       समुचित ढंग से नहीं मिलेगी हमें आज़ादी।।

आदिकाल से आज तक चापलूसों ने है देश को लूटा।

चाहे मुगल-शासन हो या ईस्ट इंडिया का लगा हो बूटा।।

बिकते रहे हैं हमेशा ये गद्दार और सदा बिकते ही रहेंगे।

जो भी लालच की रोटी फैंक दे,ये लोग उनके रंग में दिखते रहेंगे।।

इन्हीं स्वार्थी गद्दारों ने ही लुटने दिए,अपने मंदिर चुपचाप।

हरयुग में भीष्मपितामह बनकर देखतेरहेहम और आप।!

पदवियाँ पाकर,भूखंड लेकर,गाते रहते हैं मालिकों के गीत।        

"साम दाम दंड भेद"नीति में फंसकर,गद्दारों के बन जाते मीत।। 

इनके लिए अपना कोई धर्म-जाति नहीं,बदलते रहते हैं वेश। 

हर समय तैयार रहते हैं बेचने को , अपना ईमान और देश।।

लगता है अब तो आएगा शीघ्र,भारत में वास्तविक लोकतंत्र। 

जनसंख्या नियंत्रण तथा आरक्षणमुक्त का फूंका जायेगा मंत्र।।

*****नरेन्द्र कुमार चावला-भारत*तथा अमेरिका*****

                        

Thursday, August 8, 2024

तीज एक पावन पर्व***नरेन्द्र चावला

      सावन का पावन पर्व तीज

भारत के प्राय: सभी त्यौहार हैं पावन पर्व !

नारियों को प्रत्येक का श्रेय जाता,हमें है गर्व !! 

तीज त्यौहार होता श्रावण मास की खुशहाली !

इस दिन झूला झूलती सखियाँ हो मतवाली !!

रंग बिरंगी साड़ियों ,लहंगों से गूंजता वातावरण !

बिंदिया,चूड़ियों,पायल संग गीतों का आकर्षण !!

मायके तथा ससुराल की करती हैं शुभकामना ! 

घेवर,फेनियों आदि मिठाईयों की मन में भावना !!

होली,करवाचौथ,डांडिया,गिद्दा पे नारी को नमन !

भारतीय त्योहारों पर खशियां फैलें धरती से गगन !!

नहीं कहीं कोई भी होता,जाति,धर्म,रंग का भेदभाव !

नरेन्द्र चावला कहे मिलके पर्व मनाने से बढ़ता प्रेमभाव !!

********नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका**********