स्वार्थी संसार
आज तनिक मेरे साथ कीजिए आप भी विचार !
क्यों होता पुण्य का दिखावा,पाप हो रहे लगातार।।
जिससे दुखी हो कोई मन,वो है पाप,लीजिये जान !
पुण्य है वो जिससे किसी के चेहरे पे आये मुस्कान !!
अधिक मीठा बोलने वालों से तो सदा रहिये सावधान !
उनसे भी जो किसी की बुराई करके, आपको करते परेशान !
ऐसे लोगों को कोई उत्तर न दें ,रहें शांत लेकर मुस्कान !!
कुछ स्वार्थी कहेंगे हमारे गुरु के पास जाओ,मिटेंगे पाप !
ऐसे लोग अपना काम निकालेंगे और उल्लू बनेंगे आप !!
केवल अपने शुभ कर्मों द्वारा ही बनोगे पुण्य के भागीदार !
ये सब पाप और पुण्य ही तो हैं हमारे कर्मों के आधार!! *नरेन्द्र चावला*अमेरिका*
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