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Monday, December 25, 2023

पुरानी दिल्ली की यादें ( 1 )***नरेन्द्र चावला

पुरानी दिल्ली की याद ( 1)

नरेन्द्र चावला की सब पाठकों को नववर्ष की मुबारक़बाद ! 

अमेरिका में बैठे-बैठे आज पुरानी दिल्ली की आयी याद !!

याद आरहे हैं दिल्ली के मुगलिया दरवाज़े तथा चारदीवारी !

सुरक्षा करती थी नगर की ,खूबसूरत इमारतें लगती प्यारी !!

कुछ खंडहर तथा कुछ साबुत बची हैं निशानियां !

गर्व है अब इन धरोहरों के सुधार की हो रही हैं तैयारियां !!

खूनी दरवाजा,दिल्ली गेट,अजमेरी गेट, तुर्कमान गेट हैं बरकरार !

खंडहर चारदीवारी पर लाहोरी गेट,     मोरी गेट ,कश्मीरी गेट हैं साकार !!

इनके इलावा अंग्रेज़ों द्वारा विश्वयुद्ध का है इण्डिया गेट प्रतीक !

गर्व है अब सरकार ने सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति लगाई किया ठीक !!

चांदनीचौक बाजार की रौनक हुयी दुगुनी स्वच्छ खुला हुआ आकार ! 

आज भारतवर्ष में उत्तम सुविधाओं वाले बन रहे स्मार्ट शहर बाजार !!    

विशेष प्रसन्नता हुयी धीरे-धीरे समाप्त किये जारहे गुलामी के खेल !

जैसे गुजरात में गर्व से स्थापित की गई, लौह पुरुष मूर्ति सरदार पटेल !! 

वास्तव में अब जाग्रति आयी है,खुल गई भ्रष्टाचार की सब पोल !

स्वाभिमान से भारत माता की जय तथा वन्देमातरम के बजते ढोल !!

***नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका**   



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