मेरी 2007 की रचनाएँ - "मिलावट"
( Social Awareness )
दुनिया भर की चमक-दमक में,जितनी भी दिख रही सजावट।
नहीं कहीं असलियत इसमें ---सिर्फ मिलावट और दिखावट।।
नकली आदर ,नकली प्यार, नमक,तेल, कपडा सब व्यापर।
विज्ञापनों व ब्रैण्ड का लेके सहारा, नकल से भरे पड़े बाजार।।
दूध-घी ,सब्ज़ी और फलों में,सरे-आम केमिकल की मिलावट। चमक - दमक ऐसी पैकेट में , बिकने में नहीं कहीं रुकावट।।
खाने-पीने की बात से बढ़कर,दवा,ग्लूकोज़,रक्त के ऊँचे दाम।
पेट्रोल , डीज़ल तथा गैस में , मिलावट हो रही खुल्ले आम।।
नकली धंधे , नकली नोट , चुनाव में नेता , नकली वोट।
नकली मंदिर,नकली पुजारी,पुलिस,अदालत,जेलें सारी।।
अंत समय में रो-रो करके , पश्चाताप कर रहे इंसान।
शिशुपाल जीवित हैं फिर से,सुदर्शन-चक्र चला भगवान।
परिवर्तन शीघ्र ही होगा -----नरेन्द्र चावला का अनुमान।।
नरेन्द्र कुमार चावला की दिल्ली की यादें - आज हैं रंग लाई।
भारतीय लोकतंत्र में स्वस्थ राजनीती की,वांछित लहर आयी।।
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( Social Awareness )
दुनिया भर की चमक-दमक में,जितनी भी दिख रही सजावट।
नहीं कहीं असलियत इसमें ---सिर्फ मिलावट और दिखावट।।
नकली आदर ,नकली प्यार, नमक,तेल, कपडा सब व्यापर।
विज्ञापनों व ब्रैण्ड का लेके सहारा, नकल से भरे पड़े बाजार।।
दूध-घी ,सब्ज़ी और फलों में,सरे-आम केमिकल की मिलावट। चमक - दमक ऐसी पैकेट में , बिकने में नहीं कहीं रुकावट।।
खाने-पीने की बात से बढ़कर,दवा,ग्लूकोज़,रक्त के ऊँचे दाम।
पेट्रोल , डीज़ल तथा गैस में , मिलावट हो रही खुल्ले आम।।
नकली धंधे , नकली नोट , चुनाव में नेता , नकली वोट।
नकली मंदिर,नकली पुजारी,पुलिस,अदालत,जेलें सारी।।
अंत समय में रो-रो करके , पश्चाताप कर रहे इंसान।
शिशुपाल जीवित हैं फिर से,सुदर्शन-चक्र चला भगवान।
परिवर्तन शीघ्र ही होगा -----नरेन्द्र चावला का अनुमान।।
नरेन्द्र कुमार चावला की दिल्ली की यादें - आज हैं रंग लाई।
भारतीय लोकतंत्र में स्वस्थ राजनीती की,वांछित लहर आयी।।
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