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Thursday, January 29, 2026

मृत्युंजय मंत्र***नरेन्द्र चावला

             मृत्युन्जय मंत्र 

सारा जीवन तो सांसारिक मानव करता रहा ठाठ-बाठ ! 

जब अंत समय आता तब याद आता है मृत्युंजय पाठ !!

कोई बात नहीं , प्रसिद्द कहावत है जब जागे तब सवेरा !

मत घबराईये अवश्य होगा सूर्योदय और मिटेगा अँधेरा !!

बचपन में खेलकूद,शिक्षा,फिर की व्यवसाय,नौकरी तलाश !

यौवन में दुर्व्यसनों से किये,स्वयं को बचाने के पूर्ण प्रयास !!

"सुबह का भूला शाम को लौट आये तो भूला नहीं कहलाता"!

प्रभु का धन्यवाद , वही सदा नेकी का सद्मार्ग है दिखलाता !!

इस फ़रेबी जग में मिले कुछ तो सच्चे पथप्रदर्शक प्यारे यार !

उन्हीं की मधुर मिलन से नरेन्द्र चावला के जीवन में है बहार !!

पाया संगीत ,काव्यरचना रचना तथा गुरु-सतसंग का आधार ! 

शायद यही होता है वरिष्ठ नागरिकों के लिए समुचित उपचार !! 

ॐ त्रयबंकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्ध्नम,उर्वारुक्मी ववंदनाम !

मृत्योर्मुक्षी यमामृतात।।                  **** नरेन्द्र चावला-अमेरिका ******

 


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