ज़िंदगी के रंग
ज़िंदगी की जंग अद्भुत है,इसके हैं अनेकों रंग-रूप !
कभी बन जाती शांत-छाया तो कभी जंग की धूप !!
इस जंग की जीत/हार को कर लेना ख़ुशी से स्वीकार !
सावधान इस जंग पर करते रहना सदा शांति की फुआर !!
वैसे इस जंग का दिखता नहीं कभी कोई रूप अथवा रंग !
ये ज़िंदगी तो विश्व-नभ में उड़ती रहती जैसे एक पतंग !!
इस ज़िंदगी की पतंग की उड़ान सदैव रहती है स्वछंद !
इस जंग में कभी होती तीव्र गति तो कभी पड़ जाती मंद !!
ये जंग बदल देती मानव-जीवन को कभी खुशियों के संग !
तो कभी भर देती हमारे जीवन में दुखदायी घटाओं के रंग !!
इस जंग में शत-प्रतिशत निश्चित हो सकती है आप की हार !
सावधनी हटी तो दुर्घटना घटी,पड़ने न देना संबंधों में दरार !!
इस जंग पर विजय प्राप्त करना चाहते हो तो एक है हथियार !
मुस्कुराहट के ब्रह्मास्त्र से वैमनस्य्ता पर करते रहना प्रहार !!
पारिवारिक,सामाजिक अथवा राजनैतिक, हो कोई भी जंग !
नरेन्द्र चावला कहे,जड़ से खत्म हो जाएगी ये ज़िंदगी की जंग !!
***********नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका************
No comments:
Post a Comment