(धुन-आ चल के तुझे मैं ले के चलू)
इन्सान बनो ,सत्कर्म करो ,घर में होगा उजियारा !
नफरत छोडो और प्यार करो ,हो जीवन लक्ष्य तुम्हारा !!
सुख से रहना यदि चाहो तुम ,तो पहले सीखो झुकना !
चलती का नाम है गाड़ी ,मृत्यु का नाम है रुकना !
अब भी जागो, सुमिरो प्रभु को,जरा वक़्त का समझो इशारा!!
नफरत छोडो और प्यार करो ---------
सांसों का नहीं भरोसा ,जाने कब ये रुक जाएँ !
मेरा -मेरा के नशे में,सबकुछ हम भूलते जाएँ !
खोया -पाया के चक्कर में ,लुट जायेगा जीवन सारा !!
नफरत छोडो और प्यार करो ------------------
दुनियां में लोग जो अब भी,माँ -बाप को शीश नवाते !
वे स्वस्थ ,सफल हैं रहते ,प्रभु कृपा वहीँ बरसाते !
जो बोवोगे ,वह पावोगे ,ये ही पैगाम हमारा !!
नफरत छोडो और प्यार करो ---------------
इन्सान बनो,सत्कर्म करो ,घर में होगा उजियारा !
नफरत छोडो और प्यार् करो ,हो जीवन लक्ष्य तुम्हारा !!
======नरेन्द्र कुमार चावला --अमेरिका =======
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