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Monday, July 8, 2013

सत्कर्म करो -घर में होगा उजियारा (Satkarm Karo - Ghar Mein Hoga Ujiyaara)

(धुन-आ चल के तुझे मैं ले के चलू)

इन्सान बनो ,सत्कर्म करो ,घर में होगा उजियारा !
नफरत छोडो और प्यार करो ,हो जीवन लक्ष्य तुम्हारा !!
              सुख से रहना यदि चाहो तुम ,तो पहले सीखो झुकना !
          चलती का नाम है गाड़ी ,मृत्यु  का नाम है रुकना !

          अब भी जागो, सुमिरो प्रभु को,जरा वक़्त का समझो इशारा!!
          नफरत छोडो और प्यार करो ---------

सांसों का नहीं भरोसा ,जाने कब  ये रुक जाएँ !
मेरा -मेरा के नशे में,सबकुछ हम भूलते जाएँ !

खोया -पाया के चक्कर में ,लुट जायेगा जीवन सारा !!
नफरत छोडो और प्यार करो ------------------

           दुनियां में लोग जो अब भी,माँ -बाप को शीश नवाते !
            वे स्वस्थ ,सफल हैं रहते ,प्रभु कृपा वहीँ बरसाते !

            जो बोवोगे ,वह पावोगे ,ये ही पैगाम हमारा !!
           नफरत छोडो और प्यार करो ---------------

इन्सान बनो,सत्कर्म करो ,घर में होगा उजियारा !
नफरत छोडो और प्यार् करो ,हो जीवन लक्ष्य तुम्हारा !!

======नरेन्द्र कुमार चावला --अमेरिका =======

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