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Tuesday, June 25, 2024

इक दिन आयेंगी याद किताबें ***नरेन्द्र चावला

         इक दिन लुप्त हो जाएगा आहिस्ता आहिस्ता 

 धीरे-धीरे किताबों,पत्रिकाओं के प्रकाशन के बंद हो रहे द्वार !

"सरिता,मुक्ता,नंदन,चम्पक,लोटपोट,चाचा चौधरी"ढूंढोगे बार-बार !! 

कम्प्यूटर शिक्षा को पुस्तकों के पठन-पाठन बदलने से होरहा फायदा !

मगर हमें तो याद आ रहा वो "अ"अनार,"क" कबूतर वाला कायदा !!

पिछले पन्ने पर होती थी "दो बिल्लियों व बंदर"वाली शिक्षाप्रद कहानी !

गिनती,पहाड़े,मुहावरे,दोहे-चौपाईयां ,कवितायेँ याद होती थी ज़ुबानी !!

Physics,Chemistry, Arithmetic के फार्मूले व संस्कृत के रूप !

खेल-खेल में रट लेते थे मज़े से ,पेड़ों की छाँव हो या कड़कती धूप !!

तख्ती पोतकर सुखाना फिर उस पे कलम से लिखने की क्या थी बात ! 

सलेट-सलेटी ,बस्ता और हाथों में राज-रोशनाई वाली होती थी दवात !!

नतीजा आने पर ख़ुशी-ख़ुशी नयी खरीदते व बेच देते थे पुरानी किताब !

नफरत बिल्क़ुल नहीं थी गरीब-अमीर में ,खुशियों के खिलते थे गुलाब !!

इस तरह एक ही किताब को हर साल हर बच्चा ख़ुशी से पढ़ता था !

स्कूल का काम न करने पर हाथो पे डंडे या मुर्गा बनना पड़ता था ! 

किताबों में मोरपंख ,फूल,सांप की केचुल रखने से ज्ञान बढ़ता था !!

अब ज्ञात हुआ है कि वो कान खींचना मस्तिष्क हेतु था लाभदायक !

उस ज़माने के पढ़े-लिखे लोग आज भी माने जाते हैं कितने लायक !!

नरेन्द्र चावला कहे गीताप्रेस तथा पुस्तकें व पुस्तकालयों को बचाइये !

वेद-पुराण,उपनिषद,गीता,मानस भारतीय सांस्कृतिक ग्रन्थ पढाईये !!

वर्ना ये प्राचीन संस्कृति हो जाएगी लुप्त आहिस्ता,आहिस्ता।

पछताओगे जब सब कुछ उड़ जाएगा बन कर फरिश्ता।।

***नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका***

 


    



 

Monday, June 24, 2024

कैसा है जापान देश***नरेन्द्र चावला

           कैसा है जापान देश 

  सम्पूर्ण विश्व में कहलाता है जापान देश महान। 

Computer,तकनीकी,कार,मोबाईल सफल निर्माता--

प्रत्येक क्षेत्र में अग्रसर , फिर भी क्यों रहता परेशान !!

1945 में किया था अमरीका ने इस पर निष्ठुर आघात। 

हीरोशिमा,नागासाकी पर एटम बम से घृणित विनाश।।

फिर भी इतनी कम अवधि में ,चमक रहा है यह देश। 

नहीं  छोड़ी भारतीय मित्रता,अपनी भाषा,सभ्यता व वेश।।

अनुकरणीय आदर्श विधि से किया ऐसा बाढ़ नियन्त्रण। 

सुरंगें बना कर वर्षा जल को संभाला,अद्भुत प्रयोजन।।

शांति - अहिंसा के दूत महात्मा बुद्ध का है अनुयायी। 

पारम्परिक भोजन व रीतिरिवाज़,अपनी रीत निभायी।।

केवल एक है विकट समस्या,वृद्ध रहते अकेलेपन से परेशान। 

100 से ऊपरआयु सम्पन्नता,रोबोट हैं,पर नहीं कोई साथी इंसान!

कुछ तनावग्रस्त वृद्ध कर रहे,आत्महत्या से अकेलेपन का समाधान। 

नरेन्द्र चावला कहे,चाहिए ऐसे वृद्धों को भी,एक सहयोगी इंसान।। 

***नरेन्द्र चावला भारत**अमेरिका***          

Tuesday, June 18, 2024

ज़िंदगी के रंग ****नरेन्द्र चावला

                         ज़िंदगी के रंग

ज़िंदगी की जंग अद्भुत है,इसके हैं अनेकों रंग-रूप !

कभी बन जाती शांत-छाया तो कभी जंग की धूप !! 

इस जंग की जीत/हार को कर लेना ख़ुशी से स्वीकार !

सावधान इस जंग पर करते रहना सदा शांति की फुआर !! 

वैसे इस जंग का दिखता नहीं कभी कोई रूप अथवा रंग !

ये ज़िंदगी तो विश्व-नभ में उड़ती रहती जैसे एक पतंग !!

इस ज़िंदगी की पतंग की उड़ान सदैव रहती है स्वछंद ! 

इस जंग में कभी होती तीव्र गति तो कभी पड़ जाती मंद !!

ये जंग बदल देती मानव-जीवन को कभी खुशियों के संग !

तो कभी भर देती हमारे  जीवन में दुखदायी घटाओं के रंग !!

इस जंग में शत-प्रतिशत निश्चित हो सकती है आप की हार !

सावधनी हटी तो दुर्घटना घटी,पड़ने न देना संबंधों में दरार !!

इस जंग पर विजय प्राप्त करना चाहते हो तो एक है हथियार !

मुस्कुराहट के ब्रह्मास्त्र से वैमनस्य्ता पर करते रहना  प्रहार !! 

पारिवारिक,सामाजिक अथवा राजनैतिक, हो कोई भी जंग !

नरेन्द्र चावला कहे,जड़ से खत्म हो जाएगी ये ज़िंदगी की जंग !!

***********नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका************

  

       

Thursday, June 13, 2024

चेतावनी*स्वदेश प्रेमियों को**नरेन्द्र चावला

 चेतावनी* स्वदेश*प्रेमियों को 

 भारत के स्वदेश प्रेमियों हो जाओ सावधान !

अंतिम अवसर है चेतो ,बचा लो हिन्दोस्तान !!

आप की एकता में धीरे-धीरे पड़ रही है दरार !

खतरा मंडरा रहा है गुपचुप ,आप के भी द्वार !! 

जब तक लालच में आकर बिकना नहीं त्यागोगे !

तब कहीं के न रहोगे और फिर घर छोड़ भागोगे !!

अभी तक चिपके हुए हो पारस्परिक लफड़ों में !

शीघ्रातिशीघ्र एक हो जाओ,कुछ नहीं रखा झगड़ों में !! 

बंद कर दीजिये लालच की नीतियों को देना निमंत्रण !

सर्वाधिक आवश्यक है देश में जनसंख्या का नियंत्रण !!

नयी पीढ़ी को अपने संस्कारों की दीजिये शिक्षा !

वर्ना एक दिन आप सबको मांगनी पड़ेगी भिक्षा !!

******नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया-अमेरिका*********