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Thursday, November 12, 2015

भारतीय - पर्व (Bharatiya Parv)

               भारतीय - पर्व 

मेरा देश भारतवर्ष महान। उत्सव हैं इसके ऐतिहासिक प्रमाण।

स्नेह-संस्कृति से भरपूर हैं पर्व।प्रत्येक नागरिक करता है गर्व।।

 भाई -बहन का अनुपम प्यार।राखी , भैया-दूज त्यौहार।।

 दिलों में भरता स्नेह-बंधन ऐसा। नहीं विश्व में कहीं भी जैसा।।

करवा-चौथ पत्नी का समर्पण।सदैव सुखी हो दाम्पत्य जीवन।।

दुर्गा-अष्टमी कन्याओं का पूजन। नारी जाति को हार्दिक नमन।।

 लोहड़ी ,मकर-संक्रांति ,पोंगल। कृषि प्रतीक दर्शाते मंगल।।

होली,ईद,दीपावली त्यौहार।धर्म, ऐतिहासिक मिश्रित संस्कार।।

मिलजुल कर सब ख़ुशी से मनाते। जाति-धर्म के भेद मिटाते।।.

पर्वों से जग में फैले प्रेम भावना। नरेन्द्र चावला करे कामना।।

======नरेन्द्र चावला -भारत+अमेरिका=======              



Sunday, June 28, 2015

अमूल्य धरोहर तीन (Amulya Dharohar Teen)

                       अमूल्य धरोहर तीन

      जीवन में विशेष महत्व की , अमूल्य धरोहर तीन।
      ईमानदारी से पालन करें ,  तो जीवन बने रंगीन।।
मिलते हैं जीवन में- एक ही बार,माँ-बाप तथा यौवन का प्यार। 
समय ,मृत्यु और ग्राहक भी तीनों , आते हैं  अचानक द्वार।।
निकलने के बाद नहीं लौटते,जीभ से वचन,धनुष से छूटे बाण। और कभी भी नहीं लौटते ---- देह से निकले प्राण।।
कुसंगति,स्वार्थ व् निन्दा से बचने का,प्रयास कीजिये सदा।
धन , नारी और भोजन पर अपने , रखिये हमेशा  परदा।।
 ईश्वर,विद्या और परिश्रम में हो प्रगति,यदि लगाएं तीनों में मन।
 इन तीनों को कभी न भूलिए  ,  कर्तव्य , बीमारी और ऋण।!
 काम , क्रोध और लोभ पर , कीजिये  सदॆव  कंट्रोल।
विकलांग,भिखारी और बच्चों पर,दया के रखना बोल।।
     याद रखिये----जीवन में बनना चाहें  यदि महान।
      मात-पिता व् गुरु-जनों का,हृदय से करना सम्मान।।

 =======नरेन्द्र चावला-वर्जीनिया=अमेरिका========     

Monday, March 9, 2015

अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष (International Women Varsh)

अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष 

प्रतिवर्ष की तरह ,आज फिर आ गया महिला वर्ष।
सम्पूर्ण विश्व के साथ, भारत भी मना रहा है हर्ष।।          विभिन्न मंचों पर , नारी को दिया जा रहा है सम्मान ।
      परन्तु भारत में व्यवहारिक रूप से,सब मन से हैं परेशान।।
क्या वास्तव में महिला वर्ष मनाने के हम हैं अधिकारी ?
दिन प्रतिदिन सरेआम भारत में,प्रताड़ित होरही है नारी।
      वैसे तो हम महिला को,दुर्गा, सरस्वती का प्रतीक हैं मानते।
     शक्ति , बुद्धि , लक्ष्मी , दया-शान्ति-------- रूपेण हैं जानते।।
परन्तु भारत के शिक्षित नेता व् वकीलों की सुनिए अभद्र भाषा लड़की"एक मिठाई का डिब्बा है,खाओऔर पूरी करो अभिलाषा"।।
  एक तरफ हम "बेटी बचाओ--बेटी पदाओ" का नारा लगाते हैं।
  और दूसरी ओर " निर्भया - काण्ड", सरे आम होते जाते   हैं।।
अब शीघ्र ही  बदलेगी --- नारी अपनी तक़दीर ?
जब चण्डि-रूप ले कर ही,नारी उठाएगी शमशीर।।

====== नरेन्द्र चावला की आवाज़ =======