लकीरें
लकीरें ही केवल नहीं बनाती,हमारी तक़दीरें।
एक दिन हमारे कर्म ही बदल देते हैं-
लकीरों से बनी तस्वीरें।।
लकीरें ही केवल नहीं बनाती,हमारी तक़दीरें।
एक दिन हमारे कर्म ही बदल देते हैं-
लकीरों से बनी तस्वीरें।।
ज्योतिष के अनुसार,हमारे हाथों की लकीरें।
दर्शाती हैं हमारे भविष्य की -- तदबीरें।।
बढ़ती उम्र का भी द्योतक हैं,चेहरे की लकीरें।
क्रोध व करुणा भी दर्शाती हैं,माथे की लकीरें।।
कुछ काल्पनिक लकीरों का, होता है ------धरती पर ऐसा आकलन।
जिनसे शत्रुता ही नहीं उपजती,कभी-कभी-हो जाता देशों तक का विभाजन।।
लकीरों का अंकन ही तो बनाता है मानचित्र।
लकीरों से झलकते हैं ,कलात्मकता व चरित्र।।
लकीरें ही नित नए शब्दों से बनाती हैं --भाषा को आकर्षक व मार्मिक।
और लकीरें ही कभी-कभी,हो जाती हैं--
प्रेम अथवा घृणा का सकारण हार्दिक।।
अंतत: लकीरें ही नहीं चलाती,केवल जीवन की रेल।
हमारे ही शुभ-अशुभ कर्मों से,बदल जाते हैं सब खेल।।
***नरेन्द्र चावला-भारत-अमेरिका***
दर्शाती हैं हमारे भविष्य की -- तदबीरें।।
बढ़ती उम्र का भी द्योतक हैं,चेहरे की लकीरें।
क्रोध व करुणा भी दर्शाती हैं,माथे की लकीरें।।
कुछ काल्पनिक लकीरों का, होता है ------धरती पर ऐसा आकलन।
जिनसे शत्रुता ही नहीं उपजती,कभी-कभी-हो जाता देशों तक का विभाजन।।
लकीरों का अंकन ही तो बनाता है मानचित्र।
लकीरों से झलकते हैं ,कलात्मकता व चरित्र।।
लकीरें ही नित नए शब्दों से बनाती हैं --भाषा को आकर्षक व मार्मिक।
और लकीरें ही कभी-कभी,हो जाती हैं--
प्रेम अथवा घृणा का सकारण हार्दिक।।
अंतत: लकीरें ही नहीं चलाती,केवल जीवन की रेल।
हमारे ही शुभ-अशुभ कर्मों से,बदल जाते हैं सब खेल।।
***नरेन्द्र चावला-भारत-अमेरिका***